#Gazal by Azam Sawan Khan

ग़ज़ल

जो कलाई में हैं प्यार की चूड़ियां
है वो बस मेरे इज़हार की चूड़ियां

दिल लगा मेरा होने दिवाना बहुत
देख नीली मेरे यार की चूड़ियां

नाम अपने सनम के बड़े प्यार से
भेजी हैं मैनै उपहार की चूड़ियां

जिंदगी भर रहे वो कलाई भरी
दी उसे है वो इक़रार की चूड़ियां

मैं कलाई में पहना दूँ गौरी तेरी
है बड़ी प्यारी त्योहार की चूड़ियां

जो कलाई में उसकी सदा ही सजे
ला दूँ वो सारे संसार की चूड़िया

वो खनक दिल को आज़म लुभाती थी जो
आ रही याद दिलदार की चूड़ियां

आज़म सावन खान

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