#Gazal by Azam Sawan Khan

🌹ग़ज़ल

पास   मेरे   आज वो बैठे नहीं

प्यार से वो आज भी बोले नहीं

🌹

हैं ख़फा मुझसे सनम शायद कभी

आजकल वो देखकर हँसते नहीं

🌹

वो अगर जाते नहीं दिल तोड़कर

इस तरह से आज हम रोते नहीं

🌹

मैं बना  लेता उन्हें अपना सनम

ज़िंदगी में वो मिले पहले नहीं

🌹

थम गये  है सिलसिले वो प्यार के

अब इशारे आँखों के चलते नहीं

🌹

है जुदा जब से हुआ वो हमसफर

पल ख़ुशी के साथ में रहते नहीं

🌹

देखलो आज़म नज़ाकत उनकी तुम

आजकल वो बात भी करते नहीं

 

आज़म सावन खान

 

178 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.