#Gazal by Ajeet singh avdan

ज़िन्दगी जीने का कोई तो बहाना चाहिए ।

गौर कर इस बात पर फिर आज़माना चाहिए ।।

मिल रही हैं राह में राही तुझे गलियाँ कई ।

सोच कर दर मंज़िलों के पग उठाना चाहिए ।।

ज़िन्दगी लगने लगी जब बोझ तब क्या फायदा ।

खिलखिला कर ता-उमर हँसना हँसाना चाहिए ।।

मैं बड़ा मायूस हूँ ये गम मिला जिस बात से ।

भूल कर वो बात तब की मुस्कुराना चाहिए ।।

वो मिलेगा या नहीं इस काफिले में क्या पता ।

सोच मत अवदान जो है वो निभाना चाहिए ।।

…अवदान शिवगढ़ी

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