#Gazal by Baijnath Sharma

तेरे बिन घर वन लगता है बाकी सब कुछ अच्छा है|

तुझ बिन बेटे जी डरता है बाकी सब कुछ अच्छा है|

माँ तेरी बीमार पड़ी है गुमसुम बहना भी रहती,

भैया का भी हाल बुरा है  बाकी सब कुछ अच्छा है|

दादी तेरी बुढिया हैं  पर चूल्हा-चौका हैं  करती,

कोई न उनका दुख हरता है बाकी सब कुछ अच्छा है|

दादा जी पूछा करते हैं अक्सर तेरे बारे में,

आँख से उनको कम दिखता है बाकी सब कुछ अच्छा है|

अन्न न उपजा खेतों में और मालगुजारी है बाक़ी,

गैया घर में भूखी बैठी बाकी सब कुछ अच्छा है|

तू बैठा परदेस यहाँ पर बहना शादी जोग हुई

सोच के मेरा जी डरता है बाकी सब कुछ अच्छा है|

समय मिले तो आना बेटा मुनिया को भी साथ लिए,

मिलने को बस जी करता है बाकी सब कुछ अच्छा है|

मत करना तू चिंता घर की खुश रहना तू लाल वहाँ,

और मैं ज्यादा क्या कह सकता बाकी सब कुछ अच्छा है|

संपर्क –      जी- ३०३, महादेव एवेन्यु,  नानी केनाल , जमुना पार्क के सामने, वस्त्राल, अहमदाबाद- ३८२४१८

मो. नंबर  +91-9998679899

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One thought on “#Gazal by Baijnath Sharma

  • April 2, 2016 at 11:51 am
    Permalink

    So Nice Sir…पढ़कर बहुत अच्छा लगा.. 🙂

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