#Gazal by kavi Amit omar

अब न नैना हमारे लड़ेंगे कभी

चक्करो में न ऐसे पड़ेंगे कभी

हो गयी है कमी तन में अब खून की

अब न ख़त खून से हम लिखेंगे कभी

खर्च कर कर के तुम पे भिखारी बना

अब नही प्यार में हम लुटेंगे कभी

जान मै ये गया जान लेता है इश्क

जान तुझको न अब हम कहेंगे कभी

कर दी है जो पिटाई तेरे बाप ने

पास तेरे नहीं अब दिखेंगे कभी

अमित ओमर
कानपुर। 9935367640

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