#Gazal by Kirti

दस्तक तो कर दी है मैंने तेरे दिल पर,

तू द्वार खोले न खोले तेरी मरजी…

निगाहों ने हजार बाते कर ली तुझसे,

तू जुबां से बोले न बोले तेरी मरजी…

तड़पते रहते है हम तेरी इक छुअन के लिए,

तू रूह छू ले न छू ले तेरी मरजी…

शराब रख दी है छलका के नज़र से मैने,

तू जाम पी ले न पी ले तेरी मरजी…

शामो शहर उलझते है इस कशमकश में हम,

तू खुद मे मचले न मचले तेरी मरजी…

#कीर्ति

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