#Gazal by Rajinder Sharma ‘ Raina ‘

वफ़ा उनको रास नही आई,

ख़ुशी अपने पास नही आई।

यहां ऐसे लोग रहे जिनके,

कभी लब पे प्यास नही आई।

यही तो अफ़सोस रहा हम को,

सजी संवरी आस नही आई।

परेशानी दुःख के सिवा यारों,

कमी कोई ख़ास नही आई।

यकीं हम पे कौन करेगा क्यों,

अदा हम को खास नही आई।

हमें रैना”बोझ लगे जीवन,

भली जिंदगी रास नही आई। रैना”

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