#Gazal by s k gupta

जीरो क्या है एक गोल सी लकीर है

बहुत अनोखी इसकी यह तस्वीर है

खुशियां इससे हैं रौनके भी इससे हैं

जितने जीरो पास उतना वो अमीर है

जीरो का होना जिदंगी मे जरूरी है

बदलता जीरो ही तो यह तकदीर है

खा जाती है जिदंगी को  मुफलिसी

जिसके पास जीरो नही वो फकीर है

वजूद महकता है आदमी का इससे

गरीब अमीर के बीच की ये लकीर है

शतक भी बनाता है यह जीरो ही तो

जमीन गोल है यह भी तो  तहरीर है

जिसके पास जीरो का खजाना नही

उसके पास बस जख्मों की जागीर है

जीरो के ही चक्र मे उलझा है आदमी

जीरो हासिल करना ही तो तदबीर है

सत्येंद्र गुप्ता

S k gupta

09837024900

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