#Gazal by Shantanu Joshi

मेरे हक़ में फैसला करदे ।

इश्क का सिलसिला करदे ।।

दर्द है मुझसे तो बता भी ।

अब तो मुझसे गिला करदे ।।

मुझे यकीं नही पत्थरो में ।

खुद को अब मेरा ख़ुदा करदे ।।

सूरत मेरी बनजा तू जाना ।

तेरी सूरत को मेरा आइना करदे ।।

दर्द बिना गज़ले लिखू कैसे ।

बेवफ़ा होजा खुद को आश्ना करदे ।।

शान्तनु जोशी’शानबाबू’

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