gazal by yusuf rais

  • बताओ तो  सही  क्या माज़रा है
  • हरेक इंसान  क्यूँ  दहशतज़दा है !!
  • वतन को छोड़ कर जायें कहाँ पर
  • इसी मिट्टी  से  तो रिश्ता जुड़ा है !!
  • मुझे शक़  की  नज़र से देखते हैं
  • तुम्हें भी आज ये क्या हो  गया है !!
  • अगर तुम  साथ  मेरे  चल रहे हो
  • हमारे बीच   में  क्यूँ  फासला  है !!
  • तुम्हारा चीखना    बेकार   होगा
  • यहाँ हाकिम भी खुद सोया हुआ है !!
  • अगर बेमौत  मारा  जा  रहा   हूँ
  • वतन अपना भी मुझमें मर रहा है !!
  • उसी को सौंप   आये  पासबानी
  • हमारा जो कभी  कातिल  रहा है !!
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  • युसुफ़ रईस
  • पिड़ावा , जिला झालावाड़ ( राज़. )

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