#Gazal by Chaudhari Arjun Thalod

तेरी यादें तेरी बातें खामखा दिल को परेशां कर देती है,

तेरी मुस्कुराहटें तेरी मुलाकातें दिल को जवां कर देती है ।

 

बङी प्यारी सी लहरें उठ जाती है दिल के सागर में मेरे,

जब धङकने तेरे दिल की मेरे दिल को बयां कर देती है।

 

महसुस करा देती है सबकुछ वो लबों की थरथराहट को,

लबों पे लबों की वो छुवन मेरी सांसो को बैजां कर देती है।

 

पुछ लो चाहै मुझे बाँध के दुपट्टा इन नशीली आँखो पे मेरे,

तेरे बदन की प्यारी खुश्बू मुझे वो तेरी पहचां कर देती है ।

 

बनाती हो नभ जब तुम लहरा के हसीं झुल्फे चेहरे पे मेरे,

तेरे इशारों की वो अटखेलियां दिल में मेरे सुकुं भर देती है।

 

क्या जादू  है तेरी इन प्यारी प्यारी सी नाजुक उँगलियों में,

उलझाती है मेरे हाथों में तो अपनापन सा मुझमे कर देती है।

चौधरी अर्जुन थालौङ

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