#Gazal by Dr. Krishan Kumar Tiwari Neerav

खूब हमदर्दी जताई भाई साहब आपने ,

पेट पर छूरी चलाई भाई साहब आपने ।

भूख से हैं त्रस्त हम सब जानने के बाद भी ,

सुना है रोटी बहाई भाई साहब आपने ।

सिर्फ जनता को यहां गुमराह करने के लिये ,

योजना सारी बनाई भाई साहब आपने ।

बैठने को धूल में मजबूर तुमने कर दिया ,

खींच ली तरसे चटाई भाई साहब आपने ।

बीज उल्फत के पलटकर राजनीतिक यंत्र से ,

फसल नफरत की उगाई भाई साहब आपने ,

आदमी से भूलकर भी सच निकल सकता नहीं ,

इस कदर दहशत जगाई भाई साहब आपने ।

आप तो अपने में ही मरहम लगाते रह गये,

पीर कब समझी पराई भाई साहब आपने ।

मुल्क भर में धार्मिक उन्माद पैदा हो गया ,

आग पानी में लगाई भाई साहब आपने ।

पुस्तिका वादों की देकर पाँच वर्षों तक हमें ,

बैठकर काटी मलाई भाई साहब आपने ।

—-डॉ. कृष्ण कुमार तिवारी नीरव

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