#Gazal by Dr Krishan Kumar Tiwari Neerav

गजल
दूसरों पर जो निर्भर रहेगा ,
काम उसका बिगड़ कर रहेगा।
सत्य बोलेगा जो उसका चेहरा,
और लोगों से सुंदर रहेगा ।
इस जमाने की रंगीनियों से,
दूर रहना ही बेहतर रहेगा ।
चाहे जिसको अहंकार होगा ,
एक दिन चूर होकर रहेगा ।
धर्म समझेगा निज कर्म को जो,
वह सफल जिंदगी भर रहेगा ।
प्यार की ऐसी तासीर होती ,
पल में पत्थर पिघलकर रहेगा।
जब तलक यह सियासत रहेगी,
भाई भाई में अंतर रहेगा ।
घर की चिंता बहुत लोग करते,
घर जहां है वहीं पर रहेगा ।
—-डॉ.कृष्ण कुमार तिवारी नीरव

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