#Gazal By Dr Krishan Kumar Tiwari Neerav

गजल
सब मालिक का अपना क्या,
किसी से नफरत रखना क्या ।
धरती पर ही रहना है तो ,
आसमान में उड़ना क्या ।
कब किसका दुर्दिन आ जाए,
किसी के ऊपर हंसना क्या ।
जीना है घुट घुट कर ही तो,
बहुत दिनों तक रहना क्या।
अंधकार यदि नहीं मिटा तो,
फिर सूरज का उगना क्या ।
हरी भरी है जिसकी खेती ,
उस किसान का कहना क्या।
दिल्ली चलो मजा आएगा ,
मथुरा जयपुर पटना क्या ।
—-डॉ.कृष्ण कुमार तिवारी नीरव

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