#Gazal by Dr Naresh Sagar

गजल

सब कुछ है पास मेरे, मगर दिल उदास है

चैन..ओ…सुखन जो मेरा, किसी के जो पास है

 

जो लूट ले गया , मेरे अरमानों की बस्ती

वो शख्स कोई गैर नही था, वो खास है

 

वादे थे जिसके झूठे , सभी प्यार की तरहा

उस बेवफा के आने की , मेरे दिल को आस है

 

बेकार वफा मेरी गयी, नींद की तरहा

आँखों को जिसके दीद की , अब भी तलाश है

 

“सागर” शिकायतों का , दौर बन्द भी करो

खुश हो के जीयो जब तक, दो चार सांस है

**

बैखोफ शायर …

डाँ. नरेश कुमार “सागर”

9897907490

135 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.