#Gazal by Dr Prakhar Dixit

हौसला है रहेगा आंधियों में चिराग रोशन।
जीवट है डसेगा अंधेरा ये चिराग रोशन।।

मादर ए हिंद का आंचल हो जिसका साया,
हमेशा है उसका हिम्मत ए चिराग रोशन।।

पमार हैं जो अदब को दे जाते गहरे ज़ख़्म
मिट जाएंगे खुद ही जो बुझाऐं चिराग रोशन।।

आतिश ए नफ़रत में झुलसा है कौमीपन
क्या बुझा पाएगा वो कभी चिराग रोशन।।

अमन ओ अमान लूटने वालों ऐ नापाक
कर देगा राख नामुराद तुम्हें चिराग रोशन ।।

दिखा दो आइना प्रखर ग़द्दारी मंशा को
यूँ ही बुलंदी से जलेगा जीवट चिराग रोशन।।
प्रखर दीक्षित
फर्रुखाबाद

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