#Gazal by Dr. Yasmeen Khan

सुनी दिल की वही आवाज़ हमने।

झिझक देखी किसी की आज हमने।।

 

ज़माना इसलिए हमसे ख़फ़ा है।

बदल डाले सभी अन्दाज़ हमने।।

 

उतर आया ज़मीं पर आस्माँ क्यों।

शुरू की ही नहीं परवाज़ हमने।।

 

तुम्हारी लय कहाँ मिल पाई उससे।

बजाया लाख दिल का साज़ हमने।।

 

खुले गर तो पलट जाएगी दुनिया।

छिपा रक्खे हैं इतने राज़ हमने।।

 

निराशा हाथ आई यास्मीं जब।

बदल डाला है ख़ुद को आज हमने।।

 

290 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.