#Gazal by Harbhajan Singh Deol

गज़ल

दिन भी क्या क्या जिन्दगी में खुद दिखाए जिन्दगी ।

ये हँसाए तो कभी हमको रुलाए जिन्दगी ॥

 

हसरतें होती नहीं पूरी सभी की देख लो।

हर खजां के बाद फस्ले गुल भी  लाए जिन्दगी ॥

 

जिन्दगी के रंग कितने रुप भी इसके कई ।

खुद को पर अनगनित तरीकों से सजाए जिन्दगी ॥

 

आप रो रो कर जिए तो जिन्दगी  को क्या जिए ।

रोने वालों पर सदा आँसू बहाए जिन्दगी ॥

 

जिन्दगी मुश्किल पहेली हल भी  करना सीख लो ।

ये अगर नाचे तो कितनों को नचाए जिन्दगी ॥

 

जिन्दगी महबूबा बन कर गोद में बैठे नहीं ।

पास आकर कब किसी के पास आए जिन्दगी ॥

 

जिन्दगी को सीख जीना हँस के ‘सेवक ‘बिलखुसूस ।

साथ हँसने वालों के ही मुसकुराए जिन्दगी ॥

 

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