#Gazal by Himanshu Suthar

ऐसा कोई तरीका आजमाया जाए
फिर यूँ भाई को भाई से मिलाया जाए

है जहाँ दौर नफरत का ज़माने में अब
कैसे फिर प्यार से रिश्ता निभाया जाए

रोशनी जिसकी कर दे सब दिलों को रोशन
दिल में वो प्यार का दीपक जलाया जाए

रोज करते है खातिरदारी लोगों की हम
अब किसी भूखे को खाना खिलाया जाए

बिजलियाँ रोज अम्बर में कड़कती है अब
गिरने से उस नशेमन को बचाया जाए

हिन्दू मुस्लिम रहे फिर ऐसे भाई बन के
ऐ खुदा ये वतन ऐसा बनाया जाए

चलो यूँ प्यार से कुछ तोहफा देकर अब
किसी रोते हुए को यूँ हँसाया जाए
2122-1222-1222-2
💐शायर हिमांशु

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