#Gazal by Ishq Sharma

ना ज़ुबाँ की खार से, ना  तलवार की धार से

गम क़लम से उकेरता है, इश्क़ शर्मा प्यार से

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मुहब्बत की राहों में ठोकर लाख लगी, मगर

मुस्कुरा कर बढ़ता गया, इश्क़ शर्मा प्यार से

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तमाम ज़ख़्मों के, लफ़्ज़  ऒ लहजे संभाले

ताउम्र प्रेम लिखता रहा, इश्क़ शर्मा प्यार से

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ख्वाहिशों को अपनी मार कर, तन्हा ही रहा

टूटा बिखरा जोड़ता रहा,इश्क़ शर्मा प्यार से

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गैर कोई रहा नहीं, सभी को अपनाता गया

जिसका ऐसा हृदय वो,  इश्क़ शर्मा प्यार से

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सालदरसाल उम्र बदली मगर माशूक़ा एक

नेक-दिल  इंसान  है,  इश्क़  शर्मा  प्यार  से

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लेख लाखों लिख चुका बस यही बाकी था

खुद की ही तारीफ़ करे, इश्क़ शर्मा प्यार से

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© इश्क़शर्माप्यारसे✍9827237387

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