#Gazal by Jagannath Patodi

मतला

दुनिया को सिर्फ पैसा हकीकत में चाहिए दिलपाक कब किसी को इबादतमेंचाहिए

 

बातें अमन की हमको सुहाये भला कैसे बस्ती सियासत को तो अदावत में चाहिए

 

जुमलों का काफिला और दंगों कातजुर्बा

कुछ तो  हुनर उसे भी सियासत मेंचाहिए

 

जुल्मों सितम की राहें कब छोड़ती हैबाहें

कुछ जोर अब जियादा बगावत में चाहिए

 

जो जिस्म तकमहदूद है वो इश्क़ क्याहुआ

ये   रूह तलक यार जमानत में चाहिए

जगन्नाथ पटोदी

 

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