#Gazal by Jasveer Singh Haldhar

ग़ज़ल
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बड़ा वीरान मौसम है जरा सा पास तो आओ ।
तुम्हारी याद पुरनम है जरा सा पास तो आओ ।
हवाओं में तुम्हारे गेसुओं की महक आती है ,
फिजाओं पर जमी शबनम जरा सा पास तो आओ ।
तुम्हारे रूठ जाने से हमारा दम निकलता है ,
मुकद्दर हो गया बरहम जरा सा पास तो आओ ।
हमारा मन अभी गहरी जुदाई के सफर में है ,
हुआ है दिल कहीं दरहम जरा सा पास तो आओ ।
तुम्हें तो इल्म है मेरे सभी जख्मों का जानेमन ,
लगा दो घाव पर मरहम जरा सा पास तो आओ ।
पड़ी हैं चांदनी रातें तुम्हारे पास में गिरवी ,
उजाले हो गए है कम जरा सा पास तो आओ ।
पता है तुम दुखी हो कुछ बुजुर्गों के सवालों से ,
हमारी आँख भी है नम जरा सा पास तो आओ ।
हलधर -9897346173

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