#Gazal by Jasveer Singh Haldhar

गजल – आप मेरा साथ दो

बहर -(2122x 3+212)

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दूर तक चलना पड़ेगा आप मेरा साथ दो !

चाँद को छलना पड़ेगा आप मेरा साथ दो !

 

क्या पता पागल हवा का रुख किधर को मोड ले ,

ज़ोर से उड़ना पड़ेगा आप मेरा साथ दो !

 

अब पतंगे आ रहे हैं पाक से जलने यहाँ ,

दीप सा जलना पड़ेगा आप मेरा साथ दो !

 

आकना मत कम वजन उठते हुए तूफान का ,

लहर से लड़ना पड़ेगा आप मेरा साथ दो !

 

आग घाटी में लगी है आँख खोलो साथियों ,

लोह सम ढलना पड़ेगा  आप मेरा साथ दो !

 

बात “हलधर ” ना करो बंदूक और कटार की ,

तोप से भिड़ना पड़ेगा आप मेरा साथ दो !

 

हलधर – 9897346173

 

 

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