#Gazal by Karan Bahadur Sahar

दोस्त बन जाओ अगर उम्र भर निभा सको,

ये जो रिश्ता है पल दो पल का नहीं होता।

 

साथ रोना साथ हँसना भी होता है इसमें,

ये सौदा बस आज और कल का नहीं होता।

 

काम आए तो बस दिल और दिलो की बातें,

दोस्ती में कोई मतलब बल का नहीं होता

 

आईने की तरह सब साफ नजर आता है,

मन कमल का होता है मगर छल का नहीं होता।।

 

सहर।

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