#Gazal by Karan Sahar

मैं अगर फूल हूँ, तो आप खुशबू की तरह हो,

मैं अगर रंग हूँ, तो आप जादू की तरह हो ।

 

मैं अगर नींद हूँ, सपने पिरोती हूँ,

आप सपनों में मेरी आरज़ू की तरह हो ।

 

मैं अगर बात हूँ मीठी मीठी,

आप भी लब पे गुफ़्तगू की तरह हो ।।

 

मैं अगर धागा हूँ, रिश्ते पिरोने का,

आप रिश्तों में रफू की तरह हो ।

 

मैं अगर जिस्म हूँ हमारे प्यार की,

तो आप इस प्यार की आबरू की तरह हो।

 

सहर

91 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.