#Gazal by Karan Sahar

मेरे खयाल से वो शख्स कभी मशहूर नहीं होता,

जो अपनी तमन्नाओं से कभी दूर नहीं होता ।।

 

जो जिस्म की चादर पे बिखर जाता हो ख़ामख़ा,

उसे आदत होती है ऐसी, वो मजबूर नहीं होता ।।

 

ये सब हमारे देखने, परखने का नज़रिया है,

वरना यहाँ  हसीन या कोई हूर नहीं होता ।।

 

यही तो खासियत है दिल-ए-नादान की मेरे,

बिखर जाता है थक कर लेकिन चूर नहीं होता ।।

 

#करन_सहर

 

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