#Gazal by Karan Sahar

[9:51 AM, 8/13/2018] Karan Bahadur Sahar: होठों पे मुस्कान भरी है
दिल मे ग़म के छाले है,
बारिश है सौंधी सौंधी
लेकिन ये बादल काले हैं ।

हमने भी इस इश्क़ के चलते
लाखों सपने पाले हैं,
फिर भी सूनी दीवारें हैं
दिल के कोनों में जाले हैं ।।

**

हमें पत्थर की तरह लोग हटा देते हैं,
इश्क़ करते हैं और फिर भुला देते हैं ।।

गुज़रा हुआ ख़त समझ कर अक्सर,
पहले फाड़ते हैं और फिर जला देते हैं ।।

जिन्हें हमारी फिक्र लगी रहती है,
हमेशा वही लोग दिल दुखा देते हैं ।।

हम भी जब मायूसी में दबे रहते हैं,
उसे याद करते हैं, उसी को भुला देते हैं ।।

कहो ना, यहाँ कब आओगे तुम,
कहो तो हम ही वहाँ आ देते हैं ।।

#करन_सहर

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