#Gazal by Karan Sahar

न जाने कौन सी बातों का बुरा मानेगा,
मैं दुआ दूँगा तो इसको भी सज़ा मानेगा ।।

ऐसे लोगों को समझाने से क्या हाँसिल,
जो अपने आप को सब से बड़ा मानेगा ।।

तेरे चेहरे के इलावा तेरा चेहरा ही दिखे,
सच बता ऐसी बातों को तू क्या मानेगा ।।

मुझको मालूम है वो नासमझ है इतना,
मेरी कुर्बानियो को मेरी ही ख़ता मानेगा ।।

#करन_सहर

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