# Gazal by Kavi Sharad Ajmera Vakil

बुजुर्ग माँ बाप भी नहीं है भगवान से कम

करके सेवा रिजक में बरकत कर लीजिये

 

मतलब पर की जाती दिखावे की मोहब्बत

ऐसी मोहब्बत से तो नफरत कर लीजिये

 

नजरे झुकाने से शर्मोहया का क्या लेना देना

करना हो तो परदा नीयत का कर लीजिये

 

कर के देखो  एक  बार बेकाम हो जाओगे

दीवाना  होना हो तो मोहब्बत कर लीजिये

 

पहचान तुम्हे हो जाएगी सच्चे रिश्तेदारों की

कुछ दिन अपने साथ में गुरबत कर लीजिये

 

क्यों  बदलते  हो  तुम  बार बार अपना खुदा

“वकील”एक पर भरोसे की आदत कर लीजिये

 

**”वकील”***

 

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