Gazal by Kishor Chhipeshwar Sagar

बाकी है…..

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दिल मे प्यार अभी बाकी है

तेरा इंतजार अभी बाकी है

 

बंधन  तुझसे  जुड़ा  लूँगा

तुझपर ऐतबार अभी बाकी है

 

करता हु अपनी चाहत का इजहार

होना इकरार अभी बाकी है

 

राहों को निहारा हर लम्हा मैंने

तेरा होना दीदार  अभी बाकी है

 

बेचैन बड़ा ये दिल है मेरा जाना

दिल मे होना करार अभी बाकी है

-किशोर छिपेश्वर”सागर”

बालाघाट (मध्य-प्रदेश)

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