#Gazal by Kishor Chhipeshwar Sagar

अभी तो मैं सफर में हूँ

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मुश्किल बड़ी डगर में हूँ

अभी तो मैं सफर में हूँ

 

अपना कोई दिखता नहीं

लगता है मै शहर में हूँ

 

जिंदा यहां कातिल शहर में

माँ की दुआओं की असर में हूँ

 

नाम है मेरा या बदनाम हूँ मैं

किस अखबार की खबर में हूँ

 

जाने क्या होगा अंजामे सफर

मैं खुदा की नजर में हूँ

किशोर छिपेश्वर”सागर”

भटेरा चौकी बालाघाट

9584317447

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