#Gazal by Krishan Kumar Saini Dausa

12ग़ज़ल

बहर~फऊलुन*4{122 122 122 122}

 

अभी दूर तक हमको जाना पड़ेगा

हमें साथ दिल से निभाना पड़ेगा

 

जो करते हैं फूलों की अक्सर तिजारत

उन्हें चलके काँटों पे जाना पड़ेगा

 

मुसाफिर मिले कोई भटका हुआ गर

सही रास्ता फिर दिखाना पड़ेगा

 

बुज़ुर्गों की इज़्ज़त दिखे हर नज़र में

सभी को ये जि़म्मा उठाना पड़ेगा

 

जो रखनी है सच की हमें आबरु तो

मिले ज़हर भी तो खाना पड़ेगा

 

बुलायें जो महफ़िल में हमको कभी वो

मुहब्ब्त की खातिर तो जाना पड़ेगा

 

कृष्ण कुमार सैनी”राज

दौसा,राजस्थान

Leave a Reply

Your email address will not be published.