#Gazal by Krishan Kumar Saini Dausa

हमको किसी से कोई शिकायत नहीं रही

हमको अब उसकी जरूरत नहीं रही

 

हथियार हमारे रहे मुस्तैद हमेशा

ये और बात है कि अदावत नही रही

 

पहले की तरह लोग यहां मिलते ही नहीं

और आज यहाँ यारों तिजारत नहीं रही

 

हमने तो खा लिए यहां धोखे मोहब्बत में भी

पहले की जैसी आज हकूमत नहीं रही

 

लूट करके वह सभी बर्बाद कर गए

पर आज हम को उनकी भी चाहत नहीं रही

 

“राज”दिल का सुनाओ किसे मैं अब यहां पर

जबकि हक में मेरे तो अदालत नहीं रही

 

कृष्ण कुमार सैनी”राज

दौसा,राजस्थान

मोबाइल~97855~23855

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