#Gazal by Krishan Kumar Saini

बहर 122 122 122 122

 

ये सिक्का हमारा तो चलता रहेगा

इसी बात का सबको रोना रहेगा।।

 

तुझे इस तरह हमने माँगा ख़ुदा से

हमें हर जनम में तू मिलता रहेगा।।

 

तिरे प्यार की खुश्बू आती है उड़कर

मिरा दिल सदा ही महकता रहेगा।।

 

ये सोचा नहीं था किसी तौर हमने

तिरी चाहतों में भी रोना रहेगा।।

 

मुहब्बत हमेशा करेंगे  तुझी से

दिया यह  वफा का यूँ  जलता रहेगा।।

 

वफ़ा में भी शिकवा जरूरी है लेकिन

तुम्हें “राज़”हर दिन मनाता रहेगा।।

 

कृष्ण कुमार सैनी”राज दौसा,राजस्थान मोबाइल~97855~23855

 

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