#Gazal by Kumar Nusrat

जब गम के समंदर में उतर जाएंगे बाबा

शीशे की तरह टूट बिखर जाएंगे बाबा

 

वो जिनके इरादे हैं जवां सीने के अंदर

खुश हो के हवादिस से गुजर जाएंगे बाबा

 

डूबेंगे समंदर में वही लोग यक़ीनन

जो गहरे समंदर में उतर जाएंगे बाबा

 

पैगाम-ए-मसर्रत हमें देता है मुनादी

ये दिन भी मुसीबत के गुजर जाएंगे बाबा

 

बेजोड़ मेरे शेर है दुनिया की नजर में

हर खाना-ए-दिल में ये उतर जाएंगे बाबा

 

हर गाम पे दुनिया ने सताया जिन्हें नुसरत

वो ठोकरें खाएंगे संवर जाएंगे बाबा _____कुमार नुसरत

301 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.