#Gazal by Peeyush Gupta

ग़ज़ल

 

इस दुनिया से थोड़ा बाहर आने दे

आज जरा मुझको खुदसे मिल जाने दे

 

मैं भी देखूँ किस हद तक गिर सकता है

उसको अपना खुल के रंग दिखाने दे

 

चार दिनों के जीवन मे क्या वैर  रखूँ

हँसते हंसते सबसे हाथ मिलाने दे

 

या तो मेरी खुशियाँ मेरे हिस्से कर

वरना मुझको मिट्टी में मिल जाने दे

 

दुनिया का हर इंसा एक मदारी है

सबको अपना अपना खेल दिखाने दे

 

मैं भी इक दिन मिट्टी में मिल जाऊंगा

जब तक जिंदा हूँ तब तक मुस्काने दे

 

कब तक अपना और पराया देखूं मैं

इक दरिया हूँ सबकी प्यास बुझाने दे

 

पीयूष गुप्ता

30 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Whatspp dwara kavita bhejne ke liye yahan click karein.