#Gazal by Piyush Gupta

ग़ज़ल

होके अपना भी अपना हुआ ही नही
प्यार उसने कभी भी किया ही नही

भूल बैठा हूँ बातें पुरानी सभी
दिल मेरा उससे अब है खफा ही नही

जिसके दिल मे मेरे बास्ते प्यार हो
शख्स ऐसा कोई भी मिला ही नही

बात मानो न मानो मगर सत्य है
माँ से बढ़कर तो कोई ख़ुदा ही नही

टूटता कैसे नाता बता दे ‛गगन’
जो कभी भी सही से जुड़ा ही नही

पीयूष गुप्ता ‛गगन’
7275913697

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