#Gazal by Piyush Gupta

ग़ज़ल

पास आकर यूँ मुझे और ख़फ़ा करता है
कौन है ये जो मेरे साथ दगा करता है

मुश्किलें देख मुझे दूर चलीं जाती हैं
आज भी हक़ में मेरे कोई दुआ करता है

मेरी हिचकी  ही तो एहसास कराती हैं मुझे
कोई हर रात मुझे याद किया करता है

ये मेरा भाग्य है जो कह रहा हूँ मैं गजलें
वो ख़ुदा सबको तो ये फन न अता करता है

उसके चेहरे की चमक पे मैं ‛गगन’ क्या बोलूँ
देख उसको तो ये शीशा भी सजा करता है

पीयूष गुप्ता ‛गगन’
7275813697

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