#Gazal by Pradeep Mani Tiwari

ग़ज़ल========
सुनो यारा ये सावन में चलो दीवाना बन जायें।
सुहानी वादियाँ साहिल चलो मस्ताना बन जायें।
मोहब्बत की कहानी में नया कुछ मोड़ आ जाये
किसी की याद में हम तो चलो आवारा बन जायें।
चलें दुनिया रंगीली में  नयापन आज लायें हम
कभी मीठे रहें लेकिन कभी हम ख़ारा बन जायें।
किसी की याद मे इतना हैं रोयें हम
ख़ुदा जाने
हमारी जीतना फितरत मगर हम हारा बन जायें।
भरी गागर में सारा जग समेटेंगे यही चाहत
तमन्ना भी रही अपनी ख़ुदा का प्यारा बन जायें।
ज़मीं पे हम चलें इससे कि मिल जाना ज़मीं पे है
जमाने को भी हम परखें
ये दर का मारा बन जायें।
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ओजकवि शायर प्रदीप ध्रुव भोपाली,भोपाल,म.प्र.दि.
मो.09589349070

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