#Gazal By Pradeep Mani Tiwari

हम सदा अग्रणी थे और रहेंगे,इस देश के जिम्मेदार हैं।
खाया नमक चुकाते हैं हम,इस देश के पहरेदार हैं।

विधर्मियों आक्रांताओं से भी झुके नहीं है शीश कटाया,
हम भारत के भाल मुकुट हैं,देश के हम आधार हैं।

परशुराम के वंशज हम,हैं भरत भूमि के आराधक,
स्वाभिमान से जीते हैं,हम हिन्द के तारणहार हैं ।

कुटुम्बकम् वसुधैव नीति को रखें बसाकर दिल में हम,
नीति नियम मर्यादाओं के,हम निश्चित पालनहार हैं।

अगर मिटाना चाहे हमको,वो खुद ही मिट जाएगा,
आँधी तूफाँ और बवंडर, हम शिव तांडव झंकार हैं।

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कवि शायर प्रदीप ध्रुवभोपाली,

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