#Gazal By Pradeep Mani Tiwari

बह्र/अर्कान-2122×3-212-
फाइलातुन×3-फाउलुन/(संशोधित)
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हुस्न उनका खूबसूरत वो शराबी हो गया।
दिल हमारा याद में उनके उन्हीं पे खो गया।-01

जब नज़र उनपे गई तोआशिकाना दिल हुआ,
इश्क में डूबे सनम फिर होश मेरा तो गया।-02

शर्वती आखें कहें या फिर नशीली ही कहें,
देख उनका जादुई लहजा असर तन सो गया।-03

पास हो कर दूरियाँ ये इश्क में जायज नहीं,
रूठ बैठे ना मनाया पल मे रिश्ता लो गया।-04

हुश्न के तारीफ़ में उसने क़सीदे भी पढ़े,
वाह भी जब ना हुई बंदा भी नाखुश वो गया।-05

टूट जाते दिल भले शीशा कभी रह भी गये,
दिल जो टूटा फिर न आया यार मेरा जो गया।-06

इश्क में उम्मीद का तो इक दिया जलता रहे,
यार जो रुखसत हुआ तो छार ये दिल हो गया।-07

इश्क में था आजमाया दाँव वो खाली गया,
दोस्त मेरा “ध्रुव” ज़िगर का देखिए वो रो गया।-08

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कवि शायर प्रदीप ध्रुवभोपाली

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