#Gazal by Raj Shukla Nmr

हमने सारे जहां को हँसाया बहुत

पर जमाने ने हमको रुलाया बहुत

 

नाम जिसके किया हमने प्रत्येक पल

उसने पल पल पे हमको सताया बहुत

 

जिसको दिल में रखा जिसपे जाँ वार दी

सच कहूँ उसने ही दिल जलाया बहुत

 

जिसकी खातिर लड़े और घायल हुये

जख्म उसने ही मेरा दुखाया बहुत

 

दर्द तो दर्द है अब छलक ही पड़ा

रव की सौं दर्द हमने दबाया बहुत

 

बेरहम कान बंद कर के बैठा रहा

राज दुख हमने अपना सुनाया बहुत

 

राज शुक्ल “नम्र”

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