#Gazal by Rajinder Sharma Raina

 

दोस्तों के लिए खास पेशकश

ग़ज़ल खैर मांगे तू ख़ुशी मेरे खुदा दे दे,

गम अगर देना जमाने से जुदा दे दे।

सांस लेना हो गया मुश्किल शहर में अब,

खोल खिड़की कुछ तो ताजा सी हवा दे दे।

छोड़ दुनिया अब यहां से दूर जाना है,

बेसहारा शख्स को तू इक दुआ दे दे।

मौत के आसार बनते से जरा सोचो,

सुन तबीबों अब मुझे कोई दवा दे दे।

तू है मुन्सिफ हाथ तेरे जिन्दगी मेरी,

कर रहम हक में मेरे तू फैसला दे दे।

राह मुश्किल दूर मन्जिल हाल खस्ता है,

चैन मिल जाये कहे रैना”क़ज़ा दे दे। रैना””

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.