#Gazal by Ramshyam Haseen

ग़ज़ल

ये   दुनियावी  क़िस्से  हैं

ये कब किससे सुलझे हैं

 

मतलब की दुनिया है  ये

सब मतलब से मिलते हैं

 

इससे तो  मरना  बेहतर

जीने   वाले   कहते   हैं

 

जिसने जीवन को समझा

वो सबका,  सब उसके हैं

 

हमसे  भी  तो  पूछो, हम

झूठे   हैं     या   सच्चे  हैं

 

रामश्याम हसीन

146 Total Views 3 Views Today

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *