#Gazal by Sanjay Ashk Balaghati

मेरे एहसास को जानेमन तु खो नही सकती

तडपेगा दिल तेरा भी मगर तु रो नही सकती.

 

भरकर तु सिंदुर मांग मे भले ही दुनिया सजा ले

जैसे मै किसी का नही,वैसे तु भी हो नही सकती.

 

मेरी बरबादी का सबब दुनिया तुझको जानेगी

दाग बेवफाई है दामन मे जिसे तु धो नही सकती.

 

हाल तेरे भी दिल का एक दिन सब जान जायेंगे

मोहब्बत वो फसल है जिसे फिर बो नही सकती.

 

याद कल की करके,बेकरार तु भी हो जायेगी

जैसे मै जागा हुं रातो को,वैसे तु भी सो नही सकती.

 

मुझे पता है मजबुरी मे थामा तुमने गैर का दामन

लडकी मजबुर होती है, वो बेवफा हो नही सकती

….

संजय अश्क बालाघाटी

9753633830

 

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