#Gazal by Sanjay Ashk Balaghati

तपती दोपहरी मे भी काम करते है

हम मजदुर भला कब आराम करते है.

 

सदियों से हो रहे है शोषण के शिकार

पर कब सिकायत हम आम करते है.

 

रोजी-रोटी से हमको फुर्सत ही कहां

वो कोई और है जो अल्ला-राम करते है.

 

मजदुर ने कभी नही बेचा ईमान अपना

वो तो बडे लोग है जो गंदा काम करते है.

 

पसिने के साथ खून भी अपना बहा देते है

फिर भी कुछ लोग हमें गुलाम करते है.

 

बहुत एनजीओ,बहुत लोग है सरकार मे

पर वो कब मजदुर हित मे काम करते है.

 

काम को बनाकर हम तो धरम अपना

इबादत साहेब रोज, सुबह-शाम करते है.

 

संजय अश्क बालाघाटी

9753633830

 

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