#Gazal by Sanjay Ashk Balaghati

रंजिश नही
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दिल तोडने वाले तुझसे कोई रंजिश नही
किमती चीजें तो नादां लोग तोडा करते है

रास मेरा साथ अब उनको हरगिज नही
डूबते का तो हर कोई दामन छोडा करते है

मतलब का दौर है,कोई सच्चा अजीज नही
दौलतवालों की ओर हर कोई दौडा करते है

नजरो का फ़रेब है सब कोई अच्छी चीज नही
ज्यादा लुच्चे ही शरीफी कवच ओडा करते है

मोहब्बत मे लोगो खुशियां ही वाजिब नही
अश्कसे दर्द गमो से भी रिस्ता जोडा करते है

संजय अश्क,
पुलपुट्टा बालाघाट
मप्र
9753633830

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