#Gazal by Sanjay Ashk Balaghati

मेरी जिंदगी मे रोशनी हो ना हो ये सनम
पर तुम्हारे जीवन मे अंधेरा होने नही दुंगा।

मेरी दिले तमन्ना है खुश रहो तुम हरदम
मायुस कभी तुम्हारा चेहरा होने नही दुंगा।

दुख तक्लिफ मे मै कैसे भी बसर कर लुंगा
पर तुमको कोई जख्म गहरा होने नही दुंगा।

खो जाऊंगा खुद दुनिया के रेगिस्तां मे
तुम्हारी राह मे कभी सहरा होने नही दुंगा।

उठे जो तुफान तो पहाड बन जाऊंगा
कुछ भी तुम्हारे साथ बुरा होने नही दुंगा।

बहा दुंगा अपने लहु की एक एक बुंद को
पर कोई ख्वाब तुम्हारा चुरा होने नही दुंगा।

मोहब्बत निभाऊंगा मै इतनी सिद्दत से की
तुम चाहो ऐसा दुसरा होने नही दुंगा।

संजय अश्क बालाघाटी
9753633830

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