#Gazal By Sanjay Ashk Balaghati

तेरा न होना एक ऐसा ग़म है
जैसे दिवाली के दिन मोहरम् है।

मौत से बदतर सजा के लिये
तुने भुला दिया ये क्या कम है?

सजदा करू या फिर ईबादत
तु मेरे दिल मे रहती हरदम है।

अच्छा ही हुवा तु छोड गई मुझे
मोहब्बत के सिवा सब कम है।

याद के बादल फिर घिर आये है
आज फिर खराब मौसम है।

संजय अश्क बालाघाटी
7999840683

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