#Gazal By Sanjay Ashk Balaghati

आवारा

मै गलियों का आवारा
तुम शहजादी महलों की।

मै अमावश का अंधियारा
तुम शमां हो महफिलों की।

रास्ते का मै एक पत्थर
तुम हो चमक बादलों की।

सादगी की मिसाल तुम
मै हुं छवि पागलो की।

दुवांये जग की तुम संग
मुझपे निगाह कातिलों की।

सुनहरी पसंद तुम्हारी
मेरी दुनिया कंगालों की।

इश्क फिर भी तुमसे मुझे
दिल न माने बात मजालो की।

संजय अश्क बालाघाटी
बालाघाट मप्र
7999840683

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